सरिया: झारखंड के गिरिडीह जिले का सरिया, एक ऐसा शहर जहां सूरज ढलने के बाद मेडिकल सुविधाओं का अभाव लोगों के लिए चुनौती बन जाता है। शाम 4:00 बजे के बाद, गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में मरीजों को 72 किलोमीटर दूर गिरिडीह या 62 किलोमीटर दूर हजारीबाग जाना पड़ता है। लेकिन इस अंधेरे में एक उम्मीद की किरण है—देवकी अस्पताल और इसके प्रेरणादायक चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार।सरिया में स्थित देवकी अस्पताल क्षेत्र के आम और गरीब लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रहा है। यह अस्पताल न केवल स्थानीय लोगों के लिए एकमात्र विश्वसनीय स्वास्थ्य केंद्र है, बल्कि यह उन लोगों का भी सहारा है जो आर्थिक तंगी के कारण बड़े शहरों में इलाज नहीं करा सकते। सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं के साथ यह अस्पताल सरिया के लोगों के लिए वरदान बन चुका है।डॉ. राजेश कुमार: एक सच्चे मसीहा पटना जैसे बड़े शहर की चकाचौंध और सुविधाओं को छोड़कर डॉ. राजेश कुमार ने सरिया जैसे छोटे शहर में अपनी सेवाएं देने का फैसला किया। उनकी यह पसंद न केवल उनकी मानवता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि वह समाज के सबसे कमजोर वर्ग की मदद के लिए कितने समर्पित हैं। डॉ. राजेश कुमार ने अपनी विशेषज्ञता और करुणा से न जाने कितने मरीजों को नया जीवन दिया है। उनके लिए चिकित्सा केवल पेशा नहीं, बल्कि एक मिशन है।डॉ. राजेश कुमार का सरिया में बसना और देवकी अस्पताल को गरीबों का सहारा बनाना एक ऐसी कहानी है जो हर किसी को प्रेरित करती है। जहां बड़े शहरों में चिकित्सा सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हैं, वहीं सरिया जैसे क्षेत्र में एक समर्पित डॉक्टर और अस्पताल का होना किसी चमत्कार से कम नहीं। डॉ. राजेश दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, और उनकी मेहनत ने सरिया के लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई है।सरिया के लिए उम्मीद की किरण देवकी अस्पताल और डॉ. राजेश कुमार की बदौलत अब सरिया के लोग आपात स्थिति में लंबी दूरी तय करने की मजबूरी से कुछ हद तक मुक्त हुए हैं। यह अस्पताल न केवल इलाज प्रदान करता है, बल्कि यह विश्वास भी देता है कि कोई है जो उनकी परवाह करता है। डॉ. राजेश जैसे चिकित्सक उन लोगों के लिए मसीहा हैं जो आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।
डॉ. राजेश कुमार और देवकी अस्पताल की अनमोल सेवा
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- Post published:July 17, 2025
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