झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित गरमुंडो गांव से जिला मुख्यालय की दूरी 102 किलोमीटर है, जबकि सरिया, जो अनुमंडल मुख्यालय है, वहां से जिला मुख्यालय 72 किलोमीटर दूर है। इस लंबी दूरी के कारण गरमुंडो के निवासियों को कचहरी जैसे आवश्यक कार्यों के लिए दो दिन का समय लगता है—एक दिन जाने और एक दिन लौटने में। यह स्थिति न केवल समय की बर्बादी है, बल्कि ग्रामीणों के लिए आर्थिक और शारीरिक बोझ भी बनती है।
सरिया प्रखंड, जिसकी आबादी लगभग साढ़े तीन लाख है, जिला बनने की सभी अहर्ताओं को पूरा करता है। स्थानीय निवासी लंबे समय से सरिया को जिला बनाने की मांग उठाते रहे हैं, ताकि प्रशासनिक सुविधाएं नजदीक उपलब्ध हो सकें और लोगों का समय व संसाधन बचे। सरिया को जिला बनाने से न केवल गरमुंडो बल्कि आसपास के अन्य गांवों के निवासियों को भी लाभ होगा, जिससे क्षेत्र का विकास और प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरिया में पहले से ही अनुमंडल मुख्यालय की सुविधाएं मौजूद हैं, और जिला बनने से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। इस मांग को लेकर समय-समय पर आंदोलन और प्रदर्शन भी होते रहे हैं। अब देखना यह है कि सरकार इस मांग पर कितनी गंभीरता से विचार करती है और सरिया को जिला का दर्जा कब तक मिल पाता है।