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सरिया में महिला सशक्तिकरण की जीवंत मिसाल: टोटो चालक खातिजा खातून को बीडीओ का पी एम आवास का आश्वासन

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सरिया: गिरिडीह

रिपोर्ट : आसिफ अंसारी

गिरिडीह जिले के सरिया प्रखंड में एक ऐसी घटना घटी, जो न केवल महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक कहानी बनी, बल्कि सरकारी योजनाओं की जमीन पर पहुंचने वाली संवेदनशीलता का भी जीता-जागता उदाहरण प्रस्तुत करती है। रविवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ललित नारायण तिवारी ने अपने नियमित शहर भ्रमण के दौरान विवेकानंद चौक के पास एक ऐसी महिला से मुलाकात की, जिनकी मेहनत और हिम्मत देखकर हर कोई प्रभावित हो गया। यह महिला कोई और नहीं, बल्कि ग्राम लालकोनी पंचायत बागोडीह निवासी विधवा खातिजा खातून थीं, जो अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए पिछले छह महीनों से सरिया बाजार में टोटो (ई-रिक्शा) चला रही हैं।बीडीओ श्री तिवारी जब विवेकानंद चौक पर पहुंचे, तो वहां व्यस्त बाजार में टोटो पर यात्रियों को लादे हुए खतिजा खातून को देखा। उनकी यह दृढ़ता देखकर बीडीओ रुक गए और उनसे बातचीत शुरू की। खतिजा ने अपनी व्यथा बयां की—पति के असामयिक निधन के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। छोटे छोटे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर का गुजारा चलाने के लिए उन्हें मजबूरन टोटो चलाना पड़ा। उन्होंने बीडीओ से पी एम आवास योजना के तहत पक्के घर की गुहार लगाई, क्योंकि उनका वर्तमान आवास जर्जर अवस्था में है और बारिश के मौसम में परिवार को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।इस पर बीडीओ ललित नारायण तिवारी ने न केवल उनकी बात ध्यान से सुनी, बल्कि तत्काल कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा, बहुत जल्द ही आपका आवास स्वीकृत कर दिया जाएगा। सरकारी योजनाएं इसी उद्देश्य से हैं कि कोई जरूरतमंद वंचित न रहे।” खातिजा की हिम्मत, मेहनत और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए बीडीओ ने कहा, “महिला शक्ति को नमन है। ऐसी महिलाएं समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानतीं।” उन्होंने स्थानीय टीम को निर्देश दिए कि खातिजा के दस्तावेजों की जांच तुरंत शुरू की जाए और आवास निर्माण की प्रक्रिया को गति दी जाए।यह घटना सरिया प्रखंड में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खातिजा जैसी महिलाओं की संख्या बढ़ रही है, जो परंपरागत बंधनों को तोड़कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन रही हैं। महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में यह घटना बताती है कि शिक्षा और जागरूकता के साथ-साथ सरकारी सहायता मिलने पर महिलाएं कितनी ऊंचाइयों को छू सकती हैं। खातिजा अब न केवल अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद कर रही हैं, बल्कि आसपास की अन्य महिलाओं के लिए भी एक प्रेरणा बन चुकी हैं।सरिया प्रखंड के विकास में बीडीओ ललित नारायण तिवारी की सक्रिय भूमिका पहले भी चर्चित रही है। उनके नेतृत्व में प्रखंड में कई सामाजिक योजनाओं को गति मिली है। यह घटना निश्चित रूप से अन्य अधिकारियों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण सिद्ध होगी, जहां छोटी-सी पहल से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। उम्मीद है कि खातिजा का आवास जल्द स्वीकृत होकर उनके जीवन में नई रोशनी लाएगा।

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