सरिया: गिरिडीह
रिपोर्ट : आसिफ अंसारी
रविवार की देर शाम, सरिया स्थित देवकी अस्पताल के संचालक और समाजसेवी डॉ. राजेश की आवाज में एक अटल संकल्प गूंजा। एक अनौपचारिक भेंटवार्ता में उन्होंने खुलासा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में बगोदर क्षेत्र से अपनी किस्मत आजमाने का मन बना लिया है। “यह मेरी जन्मभूमि है, यहां की धरती ने मुझे सब कुछ दिया है। अब समय है कि मैं लौटाऊं,” उन्होंने भावुक स्वर में कहा।डॉ. राजेश, जो वर्षों से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंदों का सहारा बने हुए हैं, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता जनता का आशीर्वाद हासिल करना होगा। अगर जनता का आशीर्वाद मिला, तो वे वचनबद्ध हैं कि प्रवासी मजदूरों की अनगिनत पीड़ाओं को प्राथमिकता देंगे। “ये वे योद्धा हैं जो रोजी-रोटी के लिए दूर-दराज जाते हैं, लेकिन लौटते समय टूटे मन और खाली हाथ। मैं उनकी आवाज बनूंगा, ताकि कोई मजदूर भूखा न सोए,” उन्होंने कहा भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई पर रोक लगाना उनका दूसरा बड़ा लक्ष्य है। “मां का आंसू और बच्चे का सपना- दोनों को बचाना मेरा धर्म है। इस क्षेत्र में व्याप्त इस कुप्रथा को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे,” डॉ. राजेश ने दृढ़ता से कहा। इसके अलावा, बेरोजगारी की मार झेल रहे युवाओं की दुर्दशा पर भी वे नजर रखेंगे। “बेरोजगारी ने कितने घरों को उजाड़ दिया है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना मेरी तीसरी प्राथमिकता होगी, ताकि बेटे-बेटियां गांव छोड़ने को मजबूर न हों।”क्षेत्रवासियों में डॉ. राजेश का यह ऐलान उत्साह का संचार कर रहा है। एक बुजुर्ग निवासी ने कहा, “डॉ. साहब ने अस्पताल में कितनों की जान बचाई, अब वे विधानसभा में हमारी उम्मीद बनेंगे।” राजनीतिक गलियारों में भी उनकी संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है। क्या डॉ. राजेश बगोदर की राजनीति में नया अध्याय लिखेंगे? आने वाले दिन ही बताएंगे, लेकिन उनका संकल्प निश्चित रूप से क्षेत्र के हृदय को छू गया है।