सरिया: गिरिडीह
आसिफ अंसारी
हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन, जो कभी क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र हुआ करता था, आज अपनी बदहाल स्थिति के कारण चर्चा में है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 6 अगस्त 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखी गई थी। इस समारोह में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी उपस्थित थीं। इस योजना के तहत स्टेशन के आधुनिकीकरण के लिए 28.1 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी कार्य की प्रगति कछुआ गति से चल रही है, जिससे यात्रियों में निराशा बढ़ रही है।
योजना के तहत होने वाले कार्य
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण सुधार कार्य प्रस्तावित थे। इनमें 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज, यात्री शेड का निर्माण, प्लेटफॉर्म का विस्तार, रेलवे बगीचे का सौंदर्यीकरण, वेटिंग हॉल का नवीनीकरण, और रेल यात्रियों के लिए अन्य आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था शामिल थी। इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रियों को हवाई अड्डे जैसा अनुभव प्रदान करना और स्टेशन को क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान के साथ जोड़ना था।
काम की धीमी गति, केवल 30% कार्य पूर्ण
शिलान्यास के दो वर्ष बाद भी स्टेशन पर प्रस्तावित कार्यों में से केवल 30% ही पूर्ण हो पाया है। निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण स्टेशन परिसर की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। बारिश के मौसम में स्टेशन के आसपास बने गड्ढों और नालों में पानी जमा हो जाता है, जिससे वाहनों के आवागमन के दौरान यात्रियों पर कीचड़ और पानी के छीटे पड़ते हैं। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों और यात्रियों में आक्रोश को जन्म दिया है, और कई बार विरोध की स्थिति भी उत्पन्न हुई है।
यात्रियों की परेशानियां
रेलवे प्लेटफॉर्म पर भी चल रहे निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार के कारण यात्रियों को ट्रेन से चढ़ने-उतरने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधूरे प्लेटफॉर्म और अव्यवस्थित यात्री शेड के कारण यात्रियों को असुविधा हो रही है। स्थानीय निवासी एल एन पांडे।ने बताया, “दो साल पहले बड़े जोश के साथ योजना की शुरुआत हुई थी, लेकिन अब तक कुछ खास बदलाव दिखाई नहीं दे रहा। स्टेशन की हालत पहले से भी खराब हो गई है।”
स्थानीय लोगों और यात्रियों का गुस्सा
वाहनों के आवागमन से स्टेशन परिसर में गंदगी और अव्यवस्था का आलम है। बारिश के मौसम में गड्ढों में जमा पानी यात्रियों के लिए मुसीबत बन गया है। कई बार स्थानीय लोगों ने ठेकेदारों और रेलवे अधिकारियों के खिलाफ विरोध जताया है, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो रहा। एक यात्री ने कहा, “ट्रेन से उतरते समय कीचड़ और पानी के बीच से गुजरना पड़ता है। यह स्टेशन किसी आधुनिक सुविधा केंद्र से ज्यादा जंगल जैसा लगता है।”
रेलवे का पक्ष
इस संबंध में जब स्थानीय स्टेशन अधीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा की इस संबंध में आई ओ डब्लू के अधिकारी जानकारी देंगे जब आई ओ डब्लू के अधिकारि को दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उधर से कोई जवाब नहीं मिला
आगे की राह
हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना ने स्थानीय लोगों में नई उम्मीदें जगाई थीं, लेकिन धीमी प्रगति ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। यात्रियों और स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि रेलवे मंत्रालय इस परियोजना पर विशेष ध्यान दे और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करे।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1300 से अधिक स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, और हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन भी इस महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है। लेकिन जब तक कार्य में तेजी नहीं लाई जाती, तब तक यात्रियों को इन असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
निष्कर्ष
हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की दिशा में शुरू हुआ यह सफर अब तक अधूरा है। केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय को चाहिए कि वे इस परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करें और यात्रियों की समस्याओं को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाएं। स्थानीय लोग और यात्री अब उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब उनका स्टेशन वाकई में “अमृत भारत” स्टेशन के रूप में चमकेगा।